suhani raat dhal chuki lyrics in bengali - সুহানি রাত ঢল চুকি

 Bengali lyrics of Suhani Raat (সুহানি রাত)

suhani raat dhal chuki suhani raat dhal chuki lyrics

  • গান  / Title: সুহানি রাত ঢল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে - suhaanii raat Dhal chukii, naa jaane tum kab aaoge
  • সিনেমার নাম  / Film: দুলারী -(Dulari)
  • সিনেমার নাম  / Music Director: নৌশাদ আলী-(Naushad)
  • গীতিকার / Lyricist: শাকিল বাদাউনী-(Shakeel Badayuni)
  • গায়ক / Singer(s): মোহামদ রফি-(Mohammad Rafi)
  • রাগ / Raag: পাহাড়ি 

সুহানি রাত ঢল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে, 
জাহা কি রুত বদল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে,

নাজরে অপনী মস্তিয়ান, লুটা লুটেকে সোগয়ে,
সীতারে অপনী রোশনী, দিশা দিখকে সোগযে,
হর এক শাম্মা জল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে,

তারপ রহে হে হাম ইয়াহা, তুমহরে  ইন্তেজারমে,
খিসান কা রং, আ-চালা হ্যায়, মৌসুম-ই-বাহার মে, (২)
হাওয়া ভি রুখ বদল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে,

সুহানি রাত ঢল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে, 
জাহা কি রুত বদল চুকি, না জানে  তুম কব আয়গে,

suhani raat lyrics english 


  • Title: suhaanii raat Dhal chukii, naa jaane tum kab aaoge
  • Film: Dulari
  • Music Director: Naushad
  • Lyricist: Shakeel Badayuni
  • Singer(s): Mohammad Rafi
  • Raag: Pahadi

Suhani Raat Dhal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge,
Jahan Ki Rut Badal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge,

Nazare Apni Mastiyan, Luta Lutake Sogaye,
Sitaare Apni Roshani, Dikha Dikhake Sogaye,
Har Ek Shamma Jal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge,

Tadap Rahen Hein Ham Yahan, Tumhare Intazaar Mein,
Khisan Ka Rang, Aa-chala Hai, Mausam-e-bahaar Mein, (2)
Hawa Bhi Rukh Badal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge,

Suhani Raat Dhal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge,
Jahan Ki Rut Badal Chuki, Na Jaane Tum Kab Aavoge

Suhani raat lyrics in Hindi

  • गाना  सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे 
  • चित्रपट : दुलारी
  • संगीतकार: नौशाद अली
  • गीतकार : शकील बदायुनी
  • गायक : मोहम्मद रफ़ी
  • राग : Pahadi

सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे 
जहाँ की रुत बदल चुकी,ना जाने तुम कब आओगे

नज़ारे  अपनी मस्तियां, दिखा दिखा के सो गये
सितारे अपनी रौशनी, लुटा लुटा के सो गये
हर एक शम्मा जल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
सुहानी रात ढल चुकी .

तड़प रहे हैं हम यहाँ 
तुम्हारे इंतज़ार में 
खिज़ा का रंग, आ चला है      
मौसम-ए-बहार में ,मौसम-ए-बहार में             
हवा भी रुख बदल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे

सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे 
जहाँ की रुत बदल चुकी,ना जाने तुम कब आओगे


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